Bihar Sarkar का ऐलान सड़क पर गड्ढा बताइए, ₹5 हजार इनाम पाइए पूरी जानकारी अभी पढ़ें
बिहार में सड़कों की स्थिति सुधारने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना लागू की है। इस योजना का नाम अनौपचारिक रूप से "गड्ढा बताओ, इनाम पाओ" रखा गया है।
इसके तहत अगर कोई आम नागरिक सड़क पर गड्ढे की सूचना देता है और वह समय सीमा के भीतर ठीक नहीं होता, तो उसे इनाम दिया जाएगा। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
1. योजना का परिचय (Introduction)
बिहार के पथ निर्माण विभाग (Road Construction Department - RCD) ने राज्य की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए यह पहल शुरू की है। इस योजना का मुख्य आकर्षण यह है कि यदि कोई नागरिक सड़क खराब होने या गड्ढे होने की शिकायत करता है, तो विभाग को 72 घंटे के भीतर उसे ठीक करना होगा।
यदि विभाग तय समय के अंदर उस गड्ढे को नहीं भरता है, तो शिकायतकर्ता को बतौर प्रोत्साहन या इनाम 1,000 से लेकर 5,000 रुपये तक की राशि दी जा सकती है।
2. योजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- विभाग: पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार।
- उद्देश्य: सड़कों का त्वरित रखरखाव और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना।
- समय सीमा: शिकायत दर्ज होने के 72 घंटे के भीतर मरम्मत अनिवार्य।
- इनाम राशि: काम में देरी होने पर अधिकतम ₹5,000 तक का इनाम।
- माध्यम: मोबाइल ऐप (Bihar Path Sandharan App)।
3. शिकायत कैसे दर्ज करें? (Step-by-Step)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
- ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से "Bihar Path Sandharan App" डाउनलोड करें।
- रजिस्ट्रेशन: अपना नाम और मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर करें।
- फोटो खींचें (Geo-tagging): सड़क के गड्ढे की फोटो खींचें। ध्यान रहे कि मोबाइल का GPS ऑन हो ताकि लोकेशन सही जाए।
- अपलोड करें: फोटो और जगह की जानकारी लिखकर सबमिट कर दें।
- ट्रैकिंग: आपको एक ट्रैकिंग नंबर मिलेगा जिससे आप स्थिति देख सकते हैं।
4. 72 घंटे का नियम और इनाम प्रक्रिया
जैसे ही आप शिकायत करते हैं, एक उल्टा टाइमर (Countdown) शुरू हो जाता है:
- इंजीनियर को 72 घंटे के भीतर गड्ढे को भरना होगा।
- मरम्मत के बाद इंजीनियर को ठीक की गई सड़क की फोटो ऐप पर अपलोड करनी होगी।
- यदि 72 घंटे में काम नहीं हुआ, तो सिस्टम इसे 'डिफॉल्ट' मान लेगा।
- लापरवाही साबित होने पर जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से इनाम की राशि काटकर शिकायतकर्ता को दी जाएगी।
निष्कर्ष
"बिहार में गड्ढा बताओ, इनाम पाओ" स्कीम सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह तकनीक और जन-भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण है। अगर आप बिहार में रहते हैं, तो अपने अधिकारों का प्रयोग करें और सड़कों को बेहतर बनाने में मदद करें।
नोट: सरकारी योजनाओं के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक जानकारी के लिए हमेशा बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।
